गढ़वाली और कुमाउनी भाषा नहीं बोली हैं|


गढ़वाली और कुमाउनी भाषा नहीं बोली हैं| ऐसा तर्क देने वाले आपने बहुत से गढ़वाली या कुमाउनी लोग देखें होंगे| हो सकता है आप भी यही मानते होंगे और यह भी हो सकता है की आप इसे सिरे से खारिज कर दे| उत्तरखंड की जनसँख्या लगभग 1 करोड़ है और इन 1 करोड़ लोगों की आबादी वाले प्रदेश में हिंदी और संस्कृत ही आधिकारिक भाषाएँ हैं|आज हम आपको कुछ ऐसे ही कारण बताने वाले है जिनके पढ़ कर आप भी महसूस करेंगे गढ़वाली या कुमाउनी भाषाएँ हैं बोली नहीं|


Please login if you would like to vote in this poll.

Total number of votes: 3

Today's Deals: Great Savings Booking.com


Booking.com