Garhwali Jokes | Garhwali Comedy | Garhwali Chutkule


ढुँगा मार देंगे कपाल में ,
अगर घुमने नहीं आये गढवाल में !!
( गढवाल टूरिज़म )


पलायन का मुख्य कारण “लड़की के मम्मी-पापा”.
लड़का (दमाद) ऐसा चाहिए बल जो शहर में रहता हो…

एक बार एक आदमी चिड़ियाघर में जाता है एक तोते के बाहर लिखा था
” ये हिन्दी , ईंगलिश और गढ़वाली भाषा में बोलने वाला तोता “
आदमी ने इस बात को टेस्ट करने के लिए तोता से पहले ईंगलिश में पूछा –
” Who are you ” ( हु आर यू )
तोता – I am parrot (आई एम पैरॉट ) आदमी – (हिन्दी में) तुम कौन हो ?
तोता – मै एक तोता हूँ ।
आदमी – (इस बार गढ़वाली में) तु कु छे रै ??
तोता – मी त्यार बुबा . . . .कमीणा साळा, तेथे मीन दुइ बार बतायल,
तेर समझम नी आणि च। हराम कु बच्चा, सुंगरुक नोनु साला।।।।

बच्चे को सुलाती माँ-
अंग्रेज- Good night son
देशी माँ – सो जाओ बेटा, शुभ रात्रि
गढ़वाली माँ- सैजा रे नैहुन्या… आब त भूत ले सी गै हुनेला.

एक लड़का शादी के लिये गांव की सीधी-सादी लड़की देखने गया.
लड़की – दाज्यू! तुमार कतुक भै-बैंणि छन
लड़का – ऐल तक एक भाया एक बैंणि छ्यां, आब एक बैंणि आजि हैगे.

रामजी की चिट्ठी सीता ते.
मेरी प्यारी सीता तु कन छे ?
मेंते तेरी याद ओणी चा !
अच्छा सुण मेरा त्वेते हनुमान बादर मा काफल दिया छान.
गिण ले अगर एक भी काफल कम होलू ता वे बांदर पूछड़ी माँ आग लगे दे !
अर वे रावण तै बोली दे क़ि मेर आदमींन तू ख़तम कन
सीता मेरी रिफिल खतम होणी चा !
आपरू ध्यान रखी !
‘ तेरु राम ‘
घनघोर जगल बिटि .

एक Education Officer पहाडक स्कूल में एक छात्र थैं :
EO – बताओ संज्ञा को english में क्या कहते हैं?
छात्र – डरन डरने…. मास्सैब ना ऊन !!
EO – very good बैठ जाओ………..शाबाश!!!!!!!!

वाइफ के गाल पर गुलाब का फूल मारने पर
इंग्लिश वाइफ :-u are so noughty…..
पंजाबी वाइफ :-तुसी वड़े रोमेंटिक लगदे हो …..
गढ़वाली वाइफ :-मुर्दा मोरुलु तेरु…आंखू फोड़ेली छौ मेरु ..

टीचर > हे गबरा क नौना ! बता उत्तराखंड में कतका बाँध छिना ?
स्टुडेंट > गुरूजी… एक तो च छकना बांद ,
दुसर बांद Furki Baand,
तीसरी च माया बांद

मास्टर जी : हाँ रे मंगतू…!!
त्येरा सिर्फ 5 नंबर छन आयां का अर तू फिर भी हेसण लग्युं च….!! किले रे…!!
. मंगुतु : मासाब… मी त यी बात सोची छुं हेसणु की यी 5 भी कन म ऐन…

न वफ़ा का जिकर होगा, न वफ़ा की बात होगी
अब महोब्बत जिससे भी होगी, रोपणियों के बाद होगी

4 कु चमत्कार हम पहाड़ियों का जीवन मा…
. ४ दिने की चांदिना… फिर अँधेरी रात….
. ४ किताब क्या पढलीन…अफ्फु ते बडू लाट साब च समझणु…
. ४ पैसा कमोंण पडला… तब पता चलू….
. ४ लोगों का समणी… नाक न कटे हमरी…
. ४ लोग यी बात सुणला… त क्या बोल्ला…

कोई शहरी मित्र अगर गढ़वाली में कमेंट करे तो उसपे लोग रिप्लाई करते…
“वाह भोत बढ़िया… जय उत्तराखंड”मैं अगर कभी English में कुछ लिखता हूँ तो…!!
“अरे भुला त्वे पर भी दिल्ली हवा लगी रे”

उत्तराखंड में पलायन के लिए
आज से लगभग
बीस -पच्चीस साल पहले की वे औरतें भी ज़िम्मेदार हैं,
जो ज़रा -ज़रा सी बात पर अड़ोसियों -पड़ोसियों को
डायरेक्ट
“तेरि कुड़ि बाँजि होली ” वाली गालियाँ देती थी |

भाई साहब हम पहाड़ियों में लड़ाईयों के भी प्रकार(category)है ।
1-फतोड़ा-फतोड़ ,
2-मारा-मार।
3-काटा-काट
4-धदोड़ा-धदोड़
5-थेचा-थेच ???????

गढ़वाली में कुछ हिंदी फिल्मो के शीर्षक :
१. TITANIC – नाव फरकि गे
२. Anaconda – आदिम खाणी वाल स्याप
३. आवारा पगला दीवाना – पगली गियो साल
४. देवदास- शरबिया
५. अजब प्रेम की गजब कहानी – अन्कस प्यार क क्याप कहानी
६. मै हूँ ना – मी छियो ना
७. कुछ कुछ होता है – क्याप क्याप हु छ
८. धड़कन – धक् धक्काट
९. दंगल – थेचा-थेच
१०. एक था टाइगर – एक छो बाघ

*मार्टिन लूथर किंग ने कहा*
*”अगर तुम उड़ नहीं सकते तो, दौड़ो !*
*अगर तुम दौड़ नहीं सकते तो,…चलो !*
*अगर तुम चल नहीं सकते तो,……रेंगो !*
*पर आगे बढ़ते रहो !”*
तभी एक उत्तराखंडी ने बीड़ी बुझाते हुऐ कहा :-
वो सब तो ठीक है,
पर
.
.
.
.
*जाण का छू????**

Master:- 2 mein se 2 gye kitne rhe ?
Monu: Samaj me nahi aya
Master: Gadwali mein beta teema dui roti chan, tin dui roti khai deen. te ma kya bachi?
Monu: Bhuji..

खिमुली – य जो रोज तुम फैसबुक में रोमांटिक शायरी लिखछा कि,
ये तेरी जुल्फे है जैसे की रेशम की डोर , ?
य कैक लिजी लिखछा ?
खीमदा – त्यर लीजी तो लिखनू मै लाटी ! और को भै मेरि जिंदगी में….???
खिमुली – पै कभते त रेशमे डोर अगर हरि साग में ए जाछि तो किले चिल्लाछा हो !

खिमदा आजकल गौं छौड़बेर दिल्ली में रौनी…..
एक दिन खिमदा सोच में डूबी भै,
घरवाईल पूछा …….क्ये सोच में पड़ी रछा ?
खिम दा- मैं कें यो सोच लाग रईं कि यौ टेलीबिजन वालूँ कैं कसिक पत्त चलिजां कि…..
घरवाई- क्ये पत्त चलूँ ?
खिम दा- यौ कौनी कि आप देख रहे हैं स्टार प्लस …
इनूं कैं कसिक पत्त चलूँ, हम स्टार प्लस चैनल देखण लाग रयूं

मरणैक टैम पर परदाल सोचि खिमुलि कै सच्चाई बतै द्यु पर के करछा परदा कै मरणैक टैम अणकस्से जै है पड़ो…
परदा :- सुण वे त्येर सुनैक जेवर मिल बेचि !
खिमुलि :- कोई बात ने हो !
परदा :- त्येर भैक दि एक लाख रूपै ले मिलै गायब करि !
खिमुलि :- मिल तुमकु माफ करि है .तुम लै माफ करि दिया, तुमकु जहर लै मिलै दे !!

मैं तो स्मार्ट फोन को उस दिन स्मार्ट मानूंगा,…..
जब मैं चिल्लाऊंगा-
काँ छै रे म्यर फोन….?
. . . . और मेरा फोन आवाज लगायेगा—
याई छु रे …. याई छु…. तकीये तली बै देख।
रणकारा कभै तो आराम करन दे मैंकैनी !!

कुमाऊंनी महिला का अपने पति के लिए डरावना स्टेटस….
“मी तुमुकै भौते प्यार करनू पर ध्यान धरिया-
म्यर विश्वास और तुमार भांट एक्के दिन टुटाल”

एक पहाड़ी ने चीन में चाय की दुकान खोली और उसका नाम रखा: “पहाड़ी टी स्टाल“..।
दुकान ज्यादा दिनों तक नहीं चली,
तो किसी ने सलाह दी कि अगर चीन में तरक्की करनी है तो दुकान का नाम भी चाइनीज में ही रखो।
अब उसकी दुकान अच्छी चल रही है क्योंकि दुकान का नाम रखा है:
“ताती ताती चा फू फू करके पी”

बाज्यू ने हरूवा को बिजली बिल भरने के लिए रुपये दिए..लेकिन हरूवा उन पैसों की लाटरी खेल आया…
जब घर आया तो बाब ने पूछा! बिल भर आया रे हरूवा? हरूवा ने डर-डर के बोला, बाबू मैंने पैसे की लाटरी की टिकट खरीद ली! और हम लाटरी मैं गाड़ी जीत सकते है…
बाबू ने बहुत कूटा, हरूवा का टीटाट पड़ गया और हरूवा सोने चला गया…
लेकिन अगले दिन जब पापा ने सुबह दरवाजा खोला…
तो सामने एक नयी Mahindra Bolero गाडी खड़ी थी…
सब की आँखों में आंसू थे!
लेकिन सबसे ज्यादा डाड़ हरूवा मार रहा था!
.
.
.
क्योंकि…
वो गाडी बिजली विभाग की थी…वो घर की लाइन काटने आए थे…
बाज्यू ने फिर दमोरा साले को!
बाखई में हँसत-हँसते सबके बिडौव हो गये!

स्वर्ग मेँ पहुँचते ही भगवान ने उसकी रुह को सीने से लगा लिया
और बोले
“पगले मैँने तुझे जिँदगी जीने के लिये जमीन पर भेजा था
और तू इसे उत्तराखण्ड “समूह ग ” की तैयारी मेँ खत्म कर आया!!!!!!

एक बार गढ़वाल राज्य …….के लड़के का भारतीय क्रिकेट टीम में सेलेक्शन हो गया…खलबली तो तब मच गयी …जब उसने कोच से कहा……..
ऐ भैजि अगर मेरी बैटिंग नी आली ता मिन फील्डिंग नीकन …….

एक नोनू अपनी बोडी दगड फ़ोन मा..
नोनू : बोडी नमस्कार…
बोडी : नमस्ते बेटा ..कन छेयी ..
नोनू : बस बोडी ..भलू छो .तू कन छेयी ?
बोडी : बुबा …मी भी जिंदु छे चु….
और सुना कख छेयी अजकाल ? कख बटक बुनू छेयी ??
नोनू : बोडी मि डेल्ही(Delhi) छोऊ …डेल्ही बाटिक बुनू छो ..
बोडी : निर्भे लाटा …इत्गा देर से देली मा खड्यु छेयी …चल जल्दी से भीतर एय जा

गुरूजी :– नौना…स्कूळ आणम अबेर किळे हवे ?
पन्नू :– गुरूजी…बुई-बुबा ळड़ै कना छ्याई
गुरूजी :– ऊं झगड़णा छ्याई त ठिक च…पर तिळ अबेर किळे क्याई ?
पन्नू :– गुरूजी…इक्क जुत्ता बुबा हत्तम छै अर दुसर बुई हत्तम l

जिंदगी में आगे बढ़ना है…
तो एक बात गाँठ बाँध लो…
“ फुन्डे सोर ”
बोलते जाओ…. आगे बढ़ते जाओ

Gadwali Arji
To,
The Pradhanacharya
Govt. School,
Garhwal,
Sir,
baat inn ccha k school ma dil ni lagdu.,.,Sarri raat neend ni aaundi.,.,.
kileki school ma noni ghategi.,..Humari class ma 1 vi ni chh,.,jo hor
class ma chhin oh sab idgaa kharab chh.,dekhnuu ku jee ni kardu.,.
Nakhra asman kaa chhan.,.Madam v koi khaas pataka nii chha.,
Hor ni tu kuch 4 kam valiyan he rakh diyan.,.,
Aap ki bahut mherwani howali.,.,.,.
Tumharu aagyakari.,
Student union ku Neeta