गढ़वाली कविता : देवभूमि त्वे भट्याणी च

    Anup Singh Rawat
    By Anup Singh Rawat

    5/5 stars (2 votes)

    गढ़वाली कविता : देवभूमि त्वे भट्याणी च



    देवभूमि त्वे भट्याणी च,

    सूणी ले रे हे दगिड्या,

    कब बिटि की धै लगाणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 1।


    तिबारी डिंडाळी भट्याणी च,

    उरख्याली-गंज्याली भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 2।


    बांजी हूंदी पुंगड़ी भट्याणी च,

    डांडी - कांठी भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 3।


    पहाड़ की रीत भट्याणी च,

    बारामासी गीत भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 4।


    रौली - गदेरी भट्याणी च,

    घासा की घसेरी भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 5।


    पाणी की पन्देरी भट्याणी च,

    घुघुती-हिलांश भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 6।


    जन्दुरु-घराट भट्याणी च,

    उजड़ी कूडी-छानि भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 7।


    टेढ़ी-मेढ़ी बाटी भट्याणी च,

    ऊँची-नीचि घाटी भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 8।


    बसग्याल- ह्युंद-रूडी भट्याणी च,

    छुणक्याळी दाथुड़ी भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 9।


    तांबा की गगरी भट्याणी च,

    लोखर की भद्याली भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 10।


    फूलों की डाली भट्याणी च,

    हैरी भैरी सारी भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 11।


    भभरांदी आग भट्याणी च,

    च्या की केतली भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 12।


    फाणु - झोळी भटयाणी च,

    कोदा की रोटि भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 13।


    धार कु मंदिर भट्याणी च,

    देवों थौल - जात्रा भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 14।


    थौला-मेला भट्याणी च,

    देवभूमि त्वे भट्याणी च,

    बौडी आवा, लौटी आवा । 15।


    © अनूप सिंह रावत, दिनांक - २४-०८-२०१४

    इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

    ग्वीन, बीरोंखाल, गढ़वाल, उत्तराखंड

    Latest comments

    No comments

    Today's Deals: Great Savings Booking.com Booking.com