Anup Singh Rawat's blogs

    • Anup Singh Rawat

      !!! कन्या भ्रूण हत्या पर कुछ पंक्तियाँ !!!

      By Anup Singh Rawat

      5/5 stars (2 votes)

      !!! कन्या भ्रूण हत्या पर कुछ पंक्तियाँ  !!! आणि दे वीं ईं दुनिया मा, जीणी दे वीं ईं दुनिया मा।। क्या चा वींकु दोष ज्वा ह्व़े व बेटी जात। कुछ त डेर वै बिधाता से राखी ले मनख्यात। घर की लक्ष्मी च नौनी, वीं आणी दे। देख हे, सूण हे, वींथे...
      • Anup Singh Rawat

        अज्वाण सी अन्वार

        By Anup Singh Rawat

        5/5 stars (2 votes)

        अज्वाण सी अन्वार   अज्वाण सी अन्वार मन मा बसी ग्यायी दिल मेरु आज यु झणी कख हर्ची ग्यायी. मुल - मुल हैंसणी कभी छै व शरमाणी घुंघर्याली ल्वाटुली छै मुखुड़ी मा आणी. गौला मा हंसुली नाक नथुली सजणी छै हाथों मा चूड़ी, खुट्यों पैजबी बजणी...
        • Anup Singh Rawat

          म्यारा मुलुक कभी ऐकि देख

          By Anup Singh Rawat

          5/5 stars (2 votes)

          म्यारा मुलुक कभी ऐकि देख म्यारा मुलुक कभी ऐकि देख कनु प्यारु च मयारू मुलुक रे मुलुक की प्यारी रीत ऐकि देख कभी जरा यख बास रैकि देख देशों मा कु देश मेरु गढ़ देशा हरियाली छाई रैंदी यख हमेशा कभी हैरा भैरा डांडा ऐकि देख रंग बिरंगा छन फूल...
          • Anup Singh Rawat

            घस्यारी (पहाडा की)

            By Anup Singh Rawat

            5/5 stars (2 votes)

            घस्यारी (पहाडा की) ऊँचा निचा डांड्यू जाणी होली घस्यारी होली माँ बेटी काकी बोडी दीदी भुली ब्वारी घासा का बाना जांदी मेरा पहाडा की नारी. मुंड मा परांदा बध्युं होलू कमर मा ज्युडी हाथ मा होली सजणी छुनक्याली दाथुड़ी पलान्या मा बैठी की दाथुड़ी...
            • Anup Singh Rawat

              परदेश मा छौं गौं की याद औणी चा

              By Anup Singh Rawat

              5/5 stars (2 votes)

              परदेश मा छौं गौं की याद औणी चा     परदेश मा छौं गौं की याद औणी चा.     ठंडा का मारा हथ खुटी कौंपणी चा.     ह्यून्दा कु मैना, भारी जड्डू हुयूंचा.     भैर देखा कनी कुयेडी लौंकिचा...     परदेश मा...
              • Anup Singh Rawat

                चबोड़ (Fashion)

                By Anup Singh Rawat

                5/5 stars (2 votes)

                चबोड़ (Fashion) आजकल जमानु च चबोड़ कु दूसरा से भलु दिखेणा कु होड़ कु मेरा मुल्क मा भी फैली गे यु रोग भारी चबोडया हूणा छन अब लोग झणी कख बिटी आई यख भी ऐगे टांग अपरा यख भी पसरण लैगे नौना नौनी भारी चबोडया ह्व़े गैनी अपड़ी रीत रिवाज सब...
                • Anup Singh Rawat

                  ना बांस तू घुघुती घूर-घूर

                  By Anup Singh Rawat

                  5/5 stars (2 votes)

                  ना बांस तू घुघुती घूर-घूर     ना बांस तू घुघुती घूर-घूर     परदेश छन स्वामी दूर-दूर     मेरु सन्देश ली उडिजा फूर-फूर     फोटो देखि की मन थे बुथ्याणु     राजी ख़ुशी रयां देवतों...
                  • Anup Singh Rawat

                    मेरु गौं

                    By Anup Singh Rawat

                    5/5 stars (2 votes)

                    मेरु गौं ऊँचा निचा डांडयूँ का बीच बस्युं च मेरु गौं कनु भालू स्वाणु च दगिदयो मेरु गौं. छ्वाल्या मंगरू कु ठंडो मीठो पाणी आम सेव काफल तिमला की दाणी अहा क्या बिंगो कनु प्यारु च मेरु गौं घास घसेनी बाजूबंद लगानी जख डांडयूँ माँ ग्वरेल बांसुरी...
                    • Anup Singh Rawat

                      कन्या भ्रूण हत्या पर कुछ पंक्तियाँ

                      By Anup Singh Rawat

                      5/5 stars (2 votes)

                      कन्या भ्रूण हत्या पर कुछ पंक्तियाँ आणि दे वीं ईं दुनिया मा, जीणी दे वीं ईं दुनिया मा.. क्या चा वींकु दोष ज्वा ह्व़े व बेटी जात. कुछ त डेर वे बिधाता से राखी ले मनख्यात.. आज की दुनिया मा बेटी बेटा बराबर चा ध्यान से देख फर्क नीचा कुछ भी द्वियु...
                      • Anup Singh Rawat

                        धन धन हे मेरा पहाडा की नारी

                        By Anup Singh Rawat

                        5/5 stars (2 votes)

                         धन धन हे मेरा पहाडा की नारी    खैरी दुःख विपदा छन त्वैकू भारी.     जनु भी होलू हे हिक्मत ना हारी..     धन धन हे मेरा पहाडा की नारी...     भेलू पखाण, डांडी कांठी घासा कु जांदी.    ...

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