Garhwali's blogs

    • Garhwali

      वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली

      By Garhwali

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        महान योद्धा - वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड प्रदेश में बड़े-बड़े महान योद्धाओं ने जन्म लिया है। जिनमें चन्द्र सिंह गढ़वाली का नाम सर्वोपरि माना जाता है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली का जन्म 25 दिसम्बर 1891 में ग्राम मासी, रौणीसेरा, चौथान...
      • Garhwali

        Maldevta waterfall

        By Garhwali

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        Dehradun valley is surrounded by many picnic palaces but population of Dehradun is increased day by day  so that you don't think any place you found empty in Saturday and sunday .   maldevta...
        • Garhwali

          गढ़वाली मुहावरे व लोकक्तियाँ

          By Garhwali

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          घी ख्त्यो बोड्यु मा।  घी गिरा पर बर्तन में। [भावार्थ- हानि जैसा होने पर भी हानि ना होना]  जुवों कि डारा घाघरू नि छोड़ेन्दो।   जुवों कि डर से घाघरा नहीं छौड़ा जाता। [भावार्थ- सभी कुछ अनुकूल नहीं होता, कुछ प्रतिकूल होने पर भी...
          • Garhwali

            Garhwali muhavare (idioms)

            By Garhwali

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            1. कख राजुला सौक्यान आर कख दानपूर का ----- मतलब कह्ना राजा भोज और कह्ना गन्गु तेली  2. गन्गा मा का जौ - मुस्किल काम  3. बीरू लगी बीरू धार शीरू लगी शीरू धार मत्लब अपने अपने रास्ते पर चलना या अलग होना  4. निद्यो को घट्ट छीजो - जो...
            • Garhwali

              भोजन संबंधी गढ़वाली लोक कहावत आज का अर्थ मा

              By Garhwali

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              १- खिचड़ी पकदी घीयक बरोळी लमडी २-ब्वै नौनु से -खाणै त कद्दू , नि खाणै त  कद्दू – ३- आरु बेडु आफु खौ , बैद भगार हैंका लगौ – ४-एक दां खयाल , तब बाँध कुटरी – (पहले वर्तमान सम्भालो फिर भविष्य की चिंता करो...
              • Garhwali

                युगों से याद हैं सुमाड़ी के 'पंथ्‍या दादा'

                By Garhwali

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                'जुग जुग तक रालू याद सुमाड़ी कू पंथ्‍या दादा' लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के एक गीत की यह पंक्तियां आपको याद ही होंगी. यह वही सुमाड़ी गांव के पंथ्‍या दादा थे, जिन्‍होंने तत्‍कालीन राजशाही निरंकुशता और जनविरोधी आदेशों के विरोध...
                • Garhwali

                  गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां

                  By Garhwali

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                  घौड़ा मा ढांग प्वोड़ू या ढांग मा घौड़ू होण घौड़ै कि ई रांड च काठै बिराळी त् मैं बणौलू पण म्याणऊं कू कौरलू मुसा का छन पराण जाणा अयेडि़ बोदी सकून ई नि बण्डि खाणौं जोगी ह्वयों अर पैलि बासा भू‍क्कि रयों रौ-रौ बाबा बल खा-खा न बाबा...
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                    पहाड़ी कहावतें II

                    By Garhwali

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                    जाण न पछ्याण मि त्येरु मैमान।  दुति एक सरग मा थेकळी लगान्दी हैकि उदाड़ी लांदी।  मुंडा मकै फवाक।  अग्ने कि जगि मुछळी पैथरि आंदी।   जन रमाळ च गौड़ी तन दुधाळ बी होंदी।   लताड़ च पर दुधाळ खूब च।  माछा नि खांदू पर...
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                      गढ़वाली मुहावरे

                      By Garhwali

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                      ★दान आदिम की बात और आँमला कु स्वाद, बाद मा आन्दु । ★.बान्दर का मुंड मा टोपली नि सुवान्दी । ★.मि त्येरा गौं औलू क्या पौलू,तु मेरा गौं औलू क्या ल्यालु । ★भेल़ लमड्यो त घौर नी आयो, बाघन खायो त घौर नी आयो। ★नि खांदी ब्वारी , सै-सुर खांदी...
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                        Garhwali Jokes Collection

                        By Garhwali

                        5/5 stars (2 votes)

                        ***** जिंदगी में आगे बढ़ना है... तो एक बात गाँठ बाँध लो... “ फुन्डे सोर ” बोलते जाओ.... आगे बढ़ते जाओ ***** पुलिस : तुम्हे पता कैसे लगा कि इनके घर पर कोई नही है ? हाई टेक चोर : इन्होंने फेसबुक पर पुरे परिवार के 15 फोटो...

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